istikhara ki dua

“इस्तिखारा की दुआ, जो इबादत गुज़ारों को अपने ज़िंदगी के अहम फैसलों में रहनुमाई करती है, बहुत मकबूल है। इस्तिखारा की दुआ में अल्लाह से राहबंदी और तवज्जुह का हुक़्म तलब किया जाता है। यह दुआ इबादत के दौरान पढ़ी जाती है ताके इंसान मुस्तकबिल के आमूर में खैर ओ बरकत की राह जान सके। इस्तिखारा की दुआ में मानवी रब्त और दिल की पुख्तगी की दरख़्वास्त भी शामिल होती है। यह दुआ हमें सही राह दिखाने के लिए आँख खोलती है और हमें सोचने और फैसला करने के काबिल बनाती है। इस्तिखारा की दुआ हमें ख़्वाबों के ज़रिए भी हिदायत फ़रमाती है ताके हम सही और अच्छे रास्तों को पहचान सकें। यह दुआ हमें दिल की पाकीज़गी, समझदारी और रूहानियत की तरक़्क़ी के लिए भी मददगार साबित होती है। इस्तिखारा की दुआ के ज़रिए हम अल्लाह से बरकत, हिदायत और तौफ़ीक़ की तमन्ना करते हैं ताके हमें दुनिया और आख़िरत की भरपूर कामयाबी हासिल हो सके।”

istikhara ki dua in Arebic

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَخِيرُكَ بِعِلْمِكَ وَأَسْتَقْدِرُكَ بِقُدْرَتِكَ، وَأَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ الْعَظِيمِ،

فَإِنَّكَ تَقْدِرُ وَلاَ أَقْدِرُ وَتَعْلَمُ وَلَا أَعْلَمُ وَأَنْتَ عَلَّامُ الْغُيُوبِ

اللَّهُمَّ إِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ خَيْرٌ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي فَاقْدُرْهُ لِي وَيَسِّرْهُ لِي

ثُمَّ بَارِكْ لِي فِيهِ وَإِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ شَرٌّ فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي

فَاصْرِفْهُ عَنِّي وَاصْرِفْنِي عَنْهُ وَاقْدُرْ لِيَ الْخَيْرَ حَيْثُ كَانَ ثُمَّ ارْضِنِي بِهِ

istikhara ki dua in Hindi

अल्लाहुम्मा इन्नी अस्तखिरुक बि’इल्मिका व अस्तक्दिरुक बि-कुद्रतिका, अस’अलक मिन फद्लिक अल-अजीम ‘◈

फ़ा-इन्नक तकदिरु वला अकदिरु, व ता’लमु वला अ’लमु, व अंत आल्लामु ल-ग़ुयूब ‘◈

अल्लाहुम्मा, इन कुंत ता’लमु अन्ना हादा-ल-अम्र खैरुन ली फी दीनी व माआशी व आगिबाती अम्री, फ़कदिरहु व यस्सिरहु ली थुम्मा बारिक ली फीहि, ‘◈

व इन कुंत ता’लमु अन्ना हादा-ल-अम्र शर्रुन ली फी दीनी व माआशी व आगिबाती अम्री, फ़स्रिफहु अन्नी वस-रिफनी अन्हु. वकदिर ली अल-खैरा हैथु काना थुम्मा अर्दिनी बिहि. ‘◈

istikhara ki dua in English

Read full Dua in English

Allahumma inni Astakhiruka bi’ilmika Wa astaqdiruka Bi-qudratika, As’alaka min Fadlika Al- azim ‘◈

Fa-innaka Taqdiru Wala aqdiru, Wa ta’lamu Wala a’lamu, Wa anta ‘Allamu l-ghuyub. ◈

Allahumma, in Kunta Ta’lam Anna Hadha-l-amra Khairun li fi dini Wa ma’ashi Wa’aqibati amri Faqdirhu Wa Yas-sirhu li Thumma Barik li Fihi,◈

Wa in Kunta Ta’lamu anna Hadha-lamra Shar-run li fi Dini wa Ma’ashi Wa’aqibati Amri Fasrifhu Anni Was-Rifni Anhu. Waqdir li al-khaira Haithu Kana Thumma Ardini bihi.◈

istikhara ki dua ka tarjuma in english

“Ya Allah, main aapke beintiha, ilm ke jariye behtari maangta hoon, aur main aapse aapki qudrat ke jariye se taakat maangta hoon. Mein teray fazl-e-azeem ki barkaton ka mutalaba karta hun. ◈

Be shak, tu qudrat rakhta hai aur mein qudrat rakhta nahi. Tu sab kuch janta hai aur mein nahi janta. Tu sab kuch posheeda razoon ko janta hai. ◈

Ya Allah! Agar tu janta hai ke yeh kaam mere deen, zindagi aur aane wale waqton ke liye behtari hai, to isko meri hikmat, sahulat aur asani bana de aur mere liye barkat ata farma. ◈

Aur agar tu janta hai ke yeh kaam mere deen, zindagi aur aane wale waqton ke liye bura hai, to isko mujhse door kar de aur mujhe isse door rakhe aur mere liye achhai jahan ho wahan taqseem kar de aur mujhe isse khush kar de. ◈”

istikhara ki dua ka tarjuma in urdu

یا اللہ، میں آپ کے بے انتہا، علم کے ذریعے بہتری مانگتا ہوں، اور میں آپ سے آپ کی قدرت کے ذریعے سے طاقت مانگتا ہوں۔۔ میں تیرے فضل العظیم کی برکتوں کا مطالبہ کرتا ہوں ‘◈ بے شک تو قدرت رکھتا ہے اور میں قدرت رکھتا نہیں۔ تو سب کچھ جانتا ہے اور میں نہیں جانتا۔ تو سب کچھ پوشیدہ رازوں کو جانتا ہے۔ ‘◈ اللهم! اگر تو جانتا ہے کہ یہ کام میرے دین، زندگی اور آئندہ کے لئے بہتری ہے، تو اس کو میری حکمت و سهل و سیر بنا دے اور میرے لئے برکت عطا فرما، ‘◈ اور اگر تو جانتا ہے کہ یہ کام میرے دین، زندگی اور آئندہ کے لئے برا ہے، تو اسے مجھ سے دور کر دے اور مجھے اس سے دور رکھے اور میرے لئے اچھائی جہاں ہو وہاں تقسیم کر دے اور مجھے اس سے خوش کر دے۔ ‘◈

istikhara ki dua ka tarjuma in Hindi

“या अल्लाह, मैं आपके बेइंतिहा, इल्म के जरिए बेहतरी माँगता हूं, और मैं आपसे आपकी कुदरत के जरिए से ताकत माँगता हूं,। मैं तेरे फ़ज़ल-ए-अज़ीम की बरकतों का मुतालबा करता हूँ। ◈ बे शक, तू क़ुदरत रखता है और मैं क़ुदरत रखता नहीं। तू सब कुछ जानता है और मैं नहीं जानता। तू सब कुछ पोशीदा राज़ूं को जानता है। ◈ या अल्लाह! अगर तू जानता है के यह काम मेरे दीन, ज़िंदगी और आने वाले वक़्तों के लिए बेहतरी है, तो इसको मेरी हिक्मत, सहुलत और आसानी बना दे और मेरे लिए बरकत अता फरमा। ◈ और अगर तू जानता है के यह काम मेरे दीन, ज़िंदगी और आने वाले वक़्तों के लिए बुरा है, तो इसको मुझसे दूर कर दे और मुझे इससे दूर रखे और मेरे लिए अच्छाई जहां हो वहां तकसीम कर दे और मुझे इससे ख़ुश कर दे। ◈”

Allah Knows Better.

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